झांसी न्यूज डेस्क: झांसी में स्मार्ट बिजली मीटरों के खिलाफ चल रहा विरोध प्रदर्शन अब एक बेहद आक्रामक और भावुक मोड़ पर पहुंच गया है। पूर्व केंद्रीय मंत्री प्रदीप जैन आदित्य के नेतृत्व में कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों ने सुकवा-धुकवा कॉलोनी स्थित मुख्य अभियंता कार्यालय पर जोरदार प्रदर्शन किया। इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने उत्तर प्रदेश की राज्यपाल को अपने खून से पत्र लिखकर विरोध दर्ज कराया। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि प्रीपेड स्मार्ट मीटर के जरिए सरकार आम उपभोक्ताओं का 'खून चूस रही है', इसलिए उन्होंने प्रतीकात्मक रूप से खून से खत लिखकर अपनी व्यथा सुनाई है।
झांसी में अब तक लगभग 98 हजार स्मार्ट मीटर लगाए जा चुके हैं, जिनमें से 83 हजार को प्रीपेड मोड में बदला गया है। उपभोक्ताओं की सबसे बड़ी शिकायत बिलिंग में होने वाली भारी गड़बड़ी को लेकर है। विनोद सबरवाल जैसे कई उपभोक्ताओं का आरोप है कि बिल जमा करने के बावजूद कभी 2200 तो कभी 1400 रुपये का बकाया दिखा दिया जाता है। लोग सबूतों के साथ अधिकारियों के चक्कर काट रहे हैं, लेकिन कोई ठोस समाधान न मिलने के कारण जनता का गुस्सा फूट पड़ा है। इसी विवाद के चलते शासन ने फिलहाल नए मीटर लगाने पर रोक लगा दी है।
कांग्रेस नेता प्रदीप जैन आदित्य और शिक्षाविद डॉ. सुनील तिवारी ने इस आंदोलन को किसी एक दल का नहीं बल्कि आम जनता का आक्रोश बताया है। उन्होंने ऊर्जा मंत्री के इस्तीफे की मांग करते हुए कहा कि बुंदेलखंड के उपभोक्ताओं का शोषण किया जा रहा है। विपक्षी नेताओं ने आरोप लगाया कि निजी ठेकेदारों को जनता को लूटने की खुली छूट दे दी गई है और पुराने मीटरों की कार्यक्षमता पर सवाल उठाए बिना उन्हें मनमाने ढंग से बदला जा रहा है। प्रदर्शन के दौरान भाजपा के स्थानीय जनप्रतिनिधियों की चुप्पी पर भी सवाल उठाए गए।
प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही स्मार्ट मीटरों की धांधली और बिलिंग की समस्याओं को हल नहीं किया गया, तो यह आंदोलन और उग्र होगा। इस प्रदर्शन में समाजवादी पार्टी के विश्व प्रताप यादव, राजेंद्र यादव और इम्तियाज हुसैन सहित सैकड़ों पीड़ित उपभोक्ता शामिल हुए। विपक्षी दलों का कहना है कि सरकार जनता को बलि का बकरा बना रही है और अगर न्याय नहीं मिला, तो पूरा बुंदेलखंड सड़कों पर उतरने को मजबूर होगा।