झांसी न्यूज डेस्क: मेडिकल कॉलेज के वार्ड नंबर आठ में बुधवार शाम एक बड़ा हादसा होते-होते टल गया, जब मरीजों के परिजनों से भरी लिफ्ट अचानक नीचे गिर गई। आठ लोगों की क्षमता वाली इस लिफ्ट में क्षमता से दोगुना यानी 16 लोग सवार थे। ओवरलोड होने के कारण पहली मंजिल पर पहुंचते ही लिफ्ट तेज धमाके के साथ बेसमेंट में जा गिरी, जिससे अस्पताल परिसर में हड़कंप मच गया।
हादसे के वक्त लिफ्ट के भीतर चीख-पुकार मच गई और बिजली गुल होने से अंधेरा छा गया। शोर सुनकर पहुंचे सुरक्षा कर्मियों ने तुरंत सक्रियता दिखाई और लिफ्ट का दरवाजा खोलकर फंसे हुए लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला। इस घटना में नौशाद नाम के एक व्यक्ति के पैर में गंभीर चोट आई है, जिन्हें इमरजेंसी वार्ड में भर्ती किया गया है, जबकि एक महिला घबराहट के कारण बेहोश हो गई थी।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, लिफ्ट में बच्चों समेत कई लोग सवार थे जो अस्पताल में भर्ती अपने परिजनों से मिलकर लौट रहे थे। लिफ्ट गिरते ही अंदर मौजूद लोग एक-दूसरे के ऊपर गिर पड़े, जिससे कइयों को मामूली चोटें आईं। गनीमत यह रही कि सुरक्षा दल ने समय रहते सभी को बाहर निकाल लिया, अन्यथा दम घुटने या बड़ी चोट लगने से स्थिति और भी गंभीर हो सकती थी।
मेडिकल कॉलेज के सीएमएस डॉ. सचिन माहुर ने स्पष्ट किया कि यह दुर्घटना तकनीकी खराबी के बजाय मानवीय लापरवाही के कारण हुई। उन्होंने बताया कि लिफ्ट की क्षमता सिर्फ आठ व्यक्तियों की थी, लेकिन 16 लोगों के चढ़ने से सिस्टम भार सहन नहीं कर सका। फिलहाल घायल व्यक्ति का उपचार किया जा रहा है और अस्पताल प्रशासन ने लोगों से लिफ्ट के सुरक्षित उपयोग के नियमों का पालन करने की अपील की है।