झांसी न्यूज डेस्क: झांसी के मोठ स्थित गल्ला मंडी में सोमवार को उस समय काफी गहमागहमी देखने को मिली, जब गरौठा विधायक जवाहरलाल राजपूत औचक निरीक्षण के लिए गेहूं खरीद केंद्र जा पहुँचे। वहां पहुँचते ही उन्हें पता चला कि बारदाने (बोरे) की भारी कमी के कारण किसानों की तौल रुकी हुई है। अपनी उपज को खुले में पड़ा देख किसानों का गुस्सा फूट पड़ा और उन्होंने विधायक से अपनी परेशानी साझा की।
मौके की गंभीरता को देखते हुए विधायक ने तुरंत पीसीएफ (प्रांतीय सहकारी संघ) के अधिकारियों को फोन लगाया और उन्हें जमकर खरी-खोटी सुनाई। विधायक ने सख्त लहजे में कहा कि शासन के पास बारदाने का पूरा स्टॉक है, लेकिन अधिकारी जानबूझकर इसे मंडी तक नहीं पहुँचा रहे हैं, जिससे किसानों का उत्पीड़न हो रहा है। उन्होंने अधिकारियों पर किसानों को 'ब्लैकमेल' करने तक का आरोप लगाया।
निरीक्षण के दौरान यह बात सामने आई कि मंडी में कहने को तो तीन कांटों पर खरीद चल रही थी, लेकिन बारदाना न होने की वजह से कर्मचारी तौल नहीं कर रहे थे। विधायक ने जब अधिकारियों से अलॉटमेंट का हिसाब मांगा, तो संतोषजनक जवाब न मिलने पर उनकी नाराजगी और बढ़ गई। उन्होंने चेतावनी दी कि चार दिन पहले प्रमुख सचिव से बात होने के बावजूद अब तक बोरे क्यों नहीं पहुँचे, इसका जवाब देना होगा।
विधायक और अधिकारी के बीच हुई तीखी नोकझोंक के बाद अधिकारी ने अपनी गलती मानी और जल्द से जल्द मोठ मंडी में बारदाने की गांठें भेजने का भरोसा दिलाया। विधायक ने स्पष्ट निर्देश दिए कि साकिन, समथर और चिरगांव जैसे अन्य केंद्रों पर भी तौल की प्रक्रिया सुचारू रहनी चाहिए और बारदाने की कमी के चलते किसी भी किसान को परेशान नहीं किया जाना चाहिए।