झांसी न्यूज डेस्क: झांसी स्टेशन पर भाजपा की फायरब्रांड नेता उमा भारती के साथ एक ऐसी घटना घटी, जिसने रेलवे की व्यवस्थाओं पर सवाल खड़े कर दिए हैं। उमा भारती अपनी ट्रेन पकड़ते-पकड़ते रह गईं, क्योंकि उन्हें स्टेशन पर कई बाधाओं का सामना करना पड़ा और ट्रेन भी समय से पहले रवाना हो गई। इस वाकये के बाद उन्होंने रेल मंत्री को पत्र लिखकर अपनी नाराजगी जाहिर की है। उनका कहना है कि आधुनिक होते स्टेशनों को यात्रियों की जमीनी जरूरतों के प्रति संवेदनशील होना चाहिए।
उमा भारती ने बताया कि वह स्टेशन पर बिल्कुल सही समय पर पहुँच गई थीं, लेकिन प्लेटफार्म तक जाने वाला रास्ता एक मालगाड़ी और बीच में फंसे एक ठेले की वजह से ब्लॉक था। उन्हें चलने-फिरने में दिक्कत है, इसलिए वह बैटरी वाली गाड़ी और स्टाफ की मदद से आगे बढ़ रही थीं, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी। उन्होंने आरोप लगाया कि 'पंजाब मेल' अपने तय समय से दो मिनट पहले ही प्लेटफॉर्म से छूट गई।
पूर्व मुख्यमंत्री ने रेल मंत्री से इस मामले में हस्तक्षेप करने की मांग की है और उनके पहुँचने के समय की पुष्टि के लिए सीसीटीवी फुटेज देखने को कहा है। उन्होंने कहा कि यह सिर्फ उनके साथ हुई घटना नहीं है, बल्कि आम लोगों के लिए यह हर रोज का संघर्ष है। उमा भारती के मुताबिक, स्टेशनों का आधुनिकीकरण जरूरी है, लेकिन बुनियादी सुविधाओं और पहुंच (accessibility) की अनदेखी नहीं की जानी चाहिए।
दिलचस्प बात यह है कि उमा भारती के साथ ऐसा पहली बार नहीं हुआ है। उन्होंने अपने पत्र में जिक्र किया कि मथुरा स्टेशन पर भी उन्हें इसी तरह की समस्याओं का सामना करना पड़ा था। उन्होंने रेलवे प्रशासन को नसीहत दी है कि हाई-टेक होने के चक्कर में रेलवे को यात्रियों की वास्तविक जरूरतों को नहीं भूलना चाहिए।