झांसी न्यूज डेस्क: भवन स्वामियों को नामांतरण शुल्क में जल्द राहत मिलने की संभावना है। झांसी नगर निगम ने इस दिशा में कदम बढ़ाते हुए नई उपविधि का मसौदा जारी कर दिया है और इस पर आम लोगों से 30 दिन के भीतर आपत्तियां मांगी गई हैं। आपत्तियों के निस्तारण के बाद इसे सदन में मंजूरी के लिए रखा जाएगा और अगले छह माह में इसके लागू होने की उम्मीद जताई जा रही है।
अभी तक नगर निगम में नामांतरण के लिए संपत्ति की कुल कीमत का लगभग 1% शुल्क लिया जाता था, जिसके कारण लोगों को भारी रकम चुकानी पड़ती थी। उदाहरण के तौर पर 15 लाख रुपये की संपत्ति पर करीब 15 हजार रुपये शुल्क देना पड़ता था। खास बात यह है कि अब तक इस शुल्क को लेकर कोई स्पष्ट नियमावली नहीं थी और आंतरिक व्यवस्था के तहत ही वसूली की जा रही थी।
नई प्रस्तावित नियमावली के तहत शुल्क को काफी हद तक कम और तय सीमा में रखने की तैयारी है। वसीयत के मामलों में अब संपत्ति के क्षेत्रफल के आधार पर 1000 से 5000 रुपये तक शुल्क तय किया गया है। वहीं, बैनामा के मामलों में संपत्ति की कीमत के अनुसार 1000 से 10,000 रुपये तक शुल्क प्रस्तावित किया गया है, जिससे आम लोगों को बड़ी राहत मिलेगी।
नगर निगम के मुख्य कर निर्धारण अधिकारी अवधेश कुमार के अनुसार, नियमावली बनाने की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है और इसे इसी वित्तीय वर्ष में लागू कराने का प्रयास किया जा रहा है। नई व्यवस्था लागू होने के बाद दाखिल-खारिज की प्रक्रिया अधिक पारदर्शी और सस्ती हो जाएगी।