नई दिल्ली: वैश्विक फिनटेक पारिस्थितिकी तंत्र में अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज कराते हुए भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने वियतनाम के केंद्रीय बैंक 'स्टेट बैंक ऑफ वियतनाम' के साथ एक अत्याधुनिक द्विपक्षीय समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए हैं। इस ऐतिहासिक वित्तीय संधि का मुख्य उद्देश्य दोनों देशों के बीच डिजिटल भुगतान, सीमापार वित्तीय नवाचार और नियामकीय समन्वय को बढ़ावा देना है। केंद्रीय मंत्रिमंडल की औपचारिक मंजूरी के बाद लागू हुए इस समझौते के तहत दोनों देशों की राष्ट्रीय भुगतान प्रणालियों को आपस में जोड़ा जाएगा, जिससे भारत और वियतनाम के बीच त्वरित (रियल-टाइम) 'क्यूआर' कोड आधारित सीमापार व्यापारी भुगतान (Cross-Border Merchant Payment) का विस्तार संभव हो सकेगा।
इस दूरदर्शी फिनटेक साझेदारी के अंतर्गत दोनों देशों के केंद्रीय बैंक उभरती हुई डिजिटल तकनीकों, बाजार के रुझानों, सुरक्षित नवाचार मानकों और वित्तीय सेवाओं की निगरानी से जुड़े सर्वोत्तम अभ्यासों को साझा करने के लिए एक व्यापक कानूनी और तकनीकी ढांचा तैयार करेंगे। इस एकीकृत प्रणाली के क्रियान्वयन से भारत और वियतनाम के बीच होने वाले मौद्रिक लेनदेन न केवल अधिक कुशल, पारदर्शी और सुविधाजनक बनेंगे, बल्कि इसमें लगने वाली अतिरिक्त लागत और समय में भी भारी कटौती होगी। कूटनीतिक और आर्थिक विश्लेषकों का मानना है कि यह समझौता दोनों मित्र राष्ट्रों के बीच द्विपक्षीय व्यापार के नए द्वार खोलेगा और भारतीय सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्योगों (MSMEs) के लिए निर्यात के बड़े अवसर पैदा करेगा। इसके अतिरिक्त, इस सुलभ क्यूआर कोड भुगतान प्रणाली से दोनों देशों के बीच पर्यटन को भी जबरदस्त बढ़ावा मिलेगा, क्योंकि अब यात्री बिना किसी जटिल विदेशी मुद्रा विनिमय प्रक्रिया के सीधे अपने मोबाइल ऐप से भुगतान कर सकेंगे, जो भारत को एक वैश्विक फिनटेक महाशक्ति के रूप में स्थापित करने की दिशा में मील का पत्थर है।