झांसी न्यूज डेस्क: झांसी के बंगरा विकासखंड की ग्राम पंचायत पड़रा स्थित गोवंश संरक्षण केंद्र की बदहाल स्थिति को लेकर ग्रामीणों ने जिलाधिकारी से शिकायत की है। ग्रामीणों ने गौशाला में गंभीर अनियमितताओं, गोवंशों की लगातार मौत और संचालन में लापरवाही के आरोप लगाते हुए निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।
ग्रामीणों का आरोप है कि गौशाला का संचालन कर रही संस्था गोवंशों को पर्याप्त भूसा, हरा चारा, स्वच्छ पानी और उचित देखभाल उपलब्ध नहीं करा रही है। उनका कहना है कि इसी लापरवाही और कुपोषण के कारण लगातार गोवंशों की मौत हो रही है। लोगों द्वारा संरक्षण के लिए छोड़े गए गोवंश कुछ ही महीनों में दम तोड़ रहे हैं।
शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया है कि मृत गोवंशों को जेसीबी से गड्ढा खोदकर गौशाला परिसर में ही दफना दिया जाता है, ताकि मौतों की वास्तविक संख्या छिपाई जा सके। साथ ही, अभिलेखों में दर्ज गोवंशों की संख्या और मौके पर मौजूद पशुओं की संख्या में अंतर होने का दावा करते हुए सरकारी धन के दुरुपयोग की आशंका भी जताई गई है।
ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि गौशाला में गोवंश छोड़ने आने वाले पशुपालकों से अवैध वसूली की जाती है। इसके अलावा गोबर बिक्री और अन्य व्यवस्थाओं में भी वित्तीय अनियमितताओं की शिकायत की गई है।
राघवेंद्र सिंह, रविंद्र प्रताप सिंह, चतुर्भुज कुशवाहा, देवेंद्र कुमार, नारायण, मोतीलाल, घनश्याम दास और शिवदयाल सहित कई ग्रामीणों ने प्रशासन से गोवंशों के लिए तत्काल चारा, पानी और उपचार की व्यवस्था कराने की मांग की है।
वहीं, बंगरा के खंड विकास अधिकारी (बीडीओ) ने बताया कि शिकायत का संज्ञान लिया गया है। जल्द ही मौके पर जांच कराई जाएगी और यदि आरोप सही पाए गए तो संबंधित लोगों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।