झांसी न्यूज डेस्क: करीब 11 महीने से झांसी जेल में बंद अली अहमद के लिए छोटे भाई अबान की मौत के बाद परिवार से मुलाकात का सिलसिला पूरी तरह थम गया है। अबान की मौत को एक महीने से ज्यादा हो चुका है, लेकिन इस दौरान परिवार का कोई सदस्य अली से मिलने जेल नहीं पहुंचा। फिलहाल उसके वकील ही उससे मुलाकात करने जा रहे हैं। खास बात यह है कि अली ने भी जेल प्रशासन को किसी दूसरे रिश्तेदार का नाम मुलाकाती के तौर पर नहीं दिया है।
माफिया अतीक अहमद का बेटा अली 1 अक्टूबर 2025 से झांसी जेल में बंद है। उसका छोटा भाई अबान प्रयागराज से नियमित रूप से झांसी आता था और 30 से ज्यादा बार जेल में अली से मुलाकात कर चुका था। अली को अपनी पसंद की चीजें भी अबान से ही मिलती थीं। 6 अगस्त 2026 को भी अबान भाई से मिलने झांसी आ रहा था, लेकिन पूंछ इलाके के खिल्ली गांव के पास झांसी-कानपुर हाईवे पर उसकी कार सड़क किनारे बनी सुरक्षा दीवार से टकरा गई। इस हादसे में अबान की मौके पर ही मौत हो गई।
अबान की मौत के बाद अली को उसके अंतिम संस्कार में शामिल होने के लिए प्रयागराज ले जाया गया था। बताया गया कि इस दौरान अली ने अपने मंझले भाई अहजम को भी जेल में उससे मिलने से मना कर दिया। इसके बाद उसने किसी अन्य रिश्तेदार को मुलाकाती के तौर पर दर्ज नहीं कराया। वरिष्ठ जेल अधीक्षक विनोद कुमार के मुताबिक, जेल में अली से मिलने वालों की पूरी जानकारी दर्ज की जाती है और सुरक्षा के लिहाज से मुलाकातियों का रिकॉर्ड एलआईयू के साथ भी साझा किया जाता है। अतीक का बड़ा बेटा उमर लखनऊ जेल में बंद है और उससे मिलने की जिम्मेदारी अहजम संभालता था, जबकि अली से मिलने अबान नियमित रूप से आता था।
उधर, अबान की सड़क दुर्घटना को लेकर हुई तकनीकी जांच में पता चला कि हादसे के वक्त कार की रफ्तार करीब 130 किलोमीटर प्रति घंटे थी। परिवहन विभाग की टीम ने कार के ब्रेक, स्टीयरिंग, सस्पेंशन, पहियों, व्हील अलाइनमेंट, बॉडी के नुकसान, एयरबैग और सीट-बेल्ट सिस्टम की जांच की। रिपोर्ट में वाहन में किसी तकनीकी खराबी की स्पष्ट जानकारी नहीं मिली और हादसे की पुष्टि हुई, लेकिन दुर्घटना की असली वजह सामने नहीं आ सकी। जांच में चालक को झपकी आने की संभावना जताई गई है। तकनीकी रिपोर्ट लखनऊ के वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों को भेजी गई है।