झांसी न्यूज डेस्क: झांसी में श्रीकृष्ण जन्माष्टमी को लेकर तैयारियां अब अंतिम दौर में पहुंच गई हैं। भगवान श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव के लिए शहर के मंदिरों को खास तरीके से सजाया जा रहा है। मंदिरों पर रंग-बिरंगी लाइटें लगाई जा रही हैं और फूलों से आकर्षक सजावट की जा रही है। जन्माष्टमी से एक दिन पहले मंदिरों में पूजा-पाठ और कार्यक्रमों की तैयारियां तेजी से चल रही हैं।
मुरली मनोहर मंदिर में 250 किलो फूलों से सजावट
मुरली मनोहर मंदिर में इस बार जन्माष्टमी को खास बनाने के लिए करीब 250 किलो फूलों से सजावट की जा रही है। अलग-अलग रंग और किस्म के फूलों से मंदिर परिसर को सजाया गया है। यहां आज शाम 7 बजे से भजन-कीर्तन और धार्मिक कार्यक्रम शुरू होंगे। रात 12 बजे भगवान श्रीकृष्ण के जन्म के समय विशेष पूजा और आरती होगी। इसके बाद श्रद्धालुओं को प्रसाद बांटा जाएगा।
रात 12 बजे गूंजेंगे कान्हा के जयकारे
जन्माष्टमी के मौके पर शहर के प्रमुख मंदिरों में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की उम्मीद है। मंदिरों में भगवान श्रीकृष्ण के बाल स्वरूप की झांकियां तैयार की जा रही हैं। कई जगह कान्हा को पालने में झुलाने की परंपरा भी निभाई जाएगी। रात 12 बजे जैसे ही श्रीकृष्ण का जन्म होगा, मंदिर घंटा-घड़ियाल और जयकारों से गूंज उठेंगे। रोशनी और फूलों से सजे मंदिरों का नजारा भी लोगों को आकर्षित करेगा।
कान्हा की पोशाक से लेकर मुकुट तक की बढ़ी मांग
जन्माष्टमी के चलते झांसी के बाजारों में भी रौनक बढ़ गई है। दुकानों पर राधा-कृष्ण की पोशाक, कान्हा के मुकुट, बांसुरी, झूले और पूजा का सामान खूब बिक रहा है। बच्चों के लिए कान्हा की पोशाक और मुकुट की भी मांग बढ़ी है। वहीं, कई परिवार घर पर लड्डू गोपाल का जन्मोत्सव मनाने के लिए जरूरी सामान खरीदने में जुटे हुए हैं।