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"झांसी के राजकीय पुस्तकालय को मिला एशिया की पहली नेट जीरो प्रमाणित बिल्डिंग का गौरव"

Photo Source : Uttar Pradesh Times

Posted On:Thursday, December 5, 2024


झांसी न्यूज डेस्क: झांसी के राजकीय जिला पुस्तकालय को एक नई पहचान और गौरव मिला है, क्योंकि यह एशिया की पहली बिल्डिंग बन गई है, जिसे नेट जीरो प्रमाणन प्राप्त हुआ है। इस प्रमाणपत्र को विश्व बैंक की संस्था अंतरराष्ट्रीय वित्त निगम (आईएफसी) ने कम कार्बन उत्सर्जन करने के लिए प्रदान किया है। पुस्तकालय की नई बिल्डिंग को तैयार करने वाली संस्था झांसी विकास प्राधिकरण (JDA) ने पिछले साल इस प्रमाणपत्र के लिए आवेदन किया था, और इस साल जून में आईएफसी की टीम ने भवन के मानकों का निरीक्षण कर इसे प्रमाणित किया।

राजकीय जिला पुस्तकालय का इतिहास सन् 1960 से जुड़ा हुआ है, जब इसे कचहरी चौराहा पर बनाया गया था। 2022 में स्मार्ट सिटी लिमिटेड के तहत 10 करोड़ रुपये की लागत से पुस्तकालय की नई बिल्डिंग का निर्माण कार्य शुरू हुआ। इस बिल्डिंग का शुभारंभ अगस्त 2023 में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने किया। पुस्तकालय में युवाओं के लिए निशुल्क वाई-फाई, 40 हजार से अधिक पुस्तकें और अन्य सुविधाएं उपलब्ध हैं, लेकिन इसके अलावा इस बिल्डिंग को पर्यावरण के अनुकूल बनाने के लिए कई पहल की गईं।

इस बिल्डिंग का निर्माण इस सोच के साथ किया गया कि यहां से कम से कम कार्बन उत्सर्जन हो। इसके लिए ऊर्जा की खपत को कम करने के प्रयास किए गए। जेडीए प्रशासन ने इस बिल्डिंग में ग्रीन रूफ बनवाया, जो बारिश के पानी के संग्रहण, कक्षों के तापमान को नियंत्रित करने और शोर को कम करने में मददगार साबित हुआ। इसके अलावा खिड़कियों में ऐसे कांच का इस्तेमाल किया गया, जो तेज धूप को अंदर नहीं आने देता और गर्माहट को कम करता है।

पुस्तकालय की बिल्डिंग में जल प्रबंधन के लिए वेस्ट वाटर ट्रीटमेंट और रीसाइकलिंग सिस्टम स्थापित किया गया है। इसके साथ ही रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम भी लगाया गया, जिससे अनुपयोगी और बारिश के पानी को रीसायकल कर फिर से उपयोग किया जा सकता है। इन उपायों के कारण पुस्तकालय न केवल ऊर्जा बचत कर रहा है, बल्कि पानी की भी बचत कर रहा है, जिससे यह एक पर्यावरण के अनुकूल इमारत बन गई है।

आईएफसी द्वारा प्रमाणित किए जाने के बाद जेडीए ने बताया कि इस परियोजना को एशिया की पहली बिल्डिंग होने का गौरव प्राप्त हुआ है, जिसने नवीकरणीय ऊर्जा के माध्यम से 100 प्रतिशत ऊर्जा बचत की है। निर्माण के दौरान ऑटोक्लेव्ड एरेटेड कंक्रीट (एएसी) ब्लॉक का उपयोग किया गया था, जिससे इमारत के तापरोधक गुणों के कारण इसमें ठंडक बनी रहती है। यह प्रयास न केवल झांसी, बल्कि पूरे क्षेत्र के लिए एक उदाहरण प्रस्तुत करता है कि कैसे इमारतों को पर्यावरण के अनुकूल बनाया जा सकता है।


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