झांसी न्यूज डेस्क: झांसी के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) बीबी जीटीएस मूर्ति द्वारा हाल ही में किए गए 370 सिपाहियों के तबादले का आदेश फिलहाल जमीनी स्तर पर पूरी तरह लागू नहीं हो सका है। आदेश जारी होने के 72 घंटे बाद भी यह फेरबदल केवल कागजों तक ही सीमित नजर आ रहा है, क्योंकि अधिकांश सिपाही और 'कारखास' अब भी अपने पुराने थानों और चौकियों में ही जमे हुए हैं।
तबादले की मुख्य बातें:
बड़ा फेरबदल: एसएसपी ने जिले के विभिन्न थानों में एक साल से अधिक समय से तैनात सिपाहियों पर 'हंटर' चलाते हुए एक साथ इतनी बड़ी संख्या में तबादले किए थे, जिससे पुलिस महकमे में खलबली मच गई थी।
प्रमुख थानों की स्थिति: आंकड़ों के अनुसार, प्रेमनगर से 38, कोतवाली से 31, सीपरी बाजार से 28, नवाबाद से 26, रक्सा से 21, सदर बाजार से 15, बबीना से 16 और महिला थाना से 18 सिपाहियों का तबादला किया गया है।
अटकी रिलीविंग: गश्ती जारी होने के तीन दिन बीत जाने के बावजूद सिपाही थानों से रिलीव नहीं किए गए हैं। नियमतः इन्हें तत्काल प्रभाव से नए थानों में नियुक्त होना था, लेकिन व्यावहारिक रूप से अभी कोई बदलाव नहीं हुआ है।
देरी का कारण:
इस संबंध में एसएसपी बीबी जीटीएस मूर्ति का कहना है कि होमगार्ड परीक्षा के आयोजन के कारण सिपाहियों को फिलहाल पुराने थानों से रिलीव नहीं किया गया है। सुरक्षा और परीक्षा की व्यस्तता को देखते हुए यह कदम उठाया गया है। एसएसपी ने स्पष्ट किया है कि परीक्षा संपन्न होने के तुरंत बाद सभी सिपाहियों को अनिवार्य रूप से अपने नए तैनाती स्थल पर जाकर ज्वाइन करना होगा।
प्रशासनिक स्तर पर इस देरी को सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने की मजबूरी बताया जा रहा है, जबकि विभागीय गलियारों में इस बात की चर्चा है कि इतनी बड़ी संख्या में सिपाहियों के हिलने से थानों के दैनिक कामकाज और स्थानीय नेटवर्क पर भी प्रभाव पड़ेगा।