झांसी न्यूज डेस्क: बारिश के बीच सोमवार सुबह कोतवाली क्षेत्र की चूड़ी वाली गली में करीब 100 साल पुराने मकान की जर्जर दीवार अचानक भरभराकर गिर गई। हादसे के समय कमरे में सो रहे दंपती मुकेश हरायण (49) और सरोज (46) मलबे में दब गए। करीब डेढ़ घंटे की मशक्कत के बाद दोनों को बाहर निकाला गया। उन्हें जिला अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने सरोज को मृत घोषित कर दिया, जबकि मुकेश की हालत गंभीर बनी हुई है।
स्थानीय लोगों के मुताबिक, सुबह करीब 7 बजे मुकेश के हिस्से की पुरानी दीवार अचानक गिर गई। तेज आवाज सुनकर पड़ोसी और परिवार के लोग तुरंत मौके पर पहुंचे और मलबा हटाने की कोशिश शुरू कर दी। हादसे की जानकारी मिलने पर सिटी मजिस्ट्रेट प्रमोद झा, सीओ सिटी रामवीर सिंह और मुख्य अग्निशमन अधिकारी राजकिशोर राय भी मौके पर पहुंचे। पुलिस और दमकलकर्मियों ने स्थानीय लोगों की मदद से मलबा हटाकर दोनों को बाहर निकाला और अस्पताल पहुंचाया। सीओ सिटी के मुताबिक, लगातार बारिश के कारण मकान का कमजोर हिस्सा ढह गया।
मकान काफी पुराना होने के कारण रेस्क्यू टीम को भी काफी परेशानी हुई। घटनास्थल तक पहुंचने वाली गली संकरी थी और मकान के दरवाजे भी कम ऊंचाई के थे। मुकेश के छोटे भाई की बहू अनीता और पड़ोसी रामशरण ने बताया कि पिछले साल मकान के एक हिस्से को तोड़कर दोबारा बनाया गया था, लेकिन मुकेश और सरोज जिस हिस्से में रहते थे, वह पुराना ही था। ईंट और गारे से बनी यह दीवार पिछले तीन दिनों से हो रही बारिश के कारण और कमजोर हो गई थी। मकान के आगे वाले हिस्से में मुकेश ऑनलाइन कंप्यूटर जॉब वर्क करते थे, जबकि दूसरे हिस्से में उनके छोटे भाई का परिवार रहता है।
हादसे के बाद करीब डेढ़ घंटे तक मुकेश और सरोज मलबे में दबे रहे। मौके पर लोगों की भीड़ जमा हो गई थी, जिसे पुलिस ने हटाकर रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया। करीब 8:30 बजे सबसे पहले मुकेश को बाहर निकाला गया और कुछ देर बाद सरोज को भी बाहर निकाला गया। दोनों को जिला अस्पताल ले जाया गया, जहां सरोज की मौत हो गई। मुकेश का इलाज इमरजेंसी वार्ड में चल रहा है। दंपती का एक बेटा अभिषेक है, जो दिल्ली में प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी कर रहा है। परिवार ने फिलहाल उसे हादसे की जानकारी नहीं दी है। देर शाम पोस्टमार्टम के बाद सरोज का शव परिजनों को सौंप दिया गया।