झांसी न्यूज डेस्क: झांसी के होटल कारोबारी संजय सिंह हत्याकांड में मुख्य साजिशकर्ता धर्मेंद्र परिहार आखिरकार पुलिस की जांच में फंस गया। पूछताछ के दौरान उसने हत्या की पूरी साजिश का खुलासा कर दिया। धर्मेंद्र ने पुलिस को बताया कि वारदात के बाद खुद को शक से बचाने के लिए वह संजय को अस्पताल लेकर गया था, लेकिन उसकी यही चाल उस पर भारी पड़ गई। अस्पताल में उसके व्यवहार और मोबाइल देने में आनाकानी से पुलिस को उस पर शक हुआ और जांच की कड़ी आखिरकार उसी तक पहुंच गई।
पूछताछ में धर्मेंद्र ने बताया कि संजय सिंह होटल कारोबारी शिवम यादव के साथ प्रॉपर्टी डीलिंग का काम करता था, लेकिन उसने कई जमीनों के सौदे हड़प लिए थे। इससे धर्मेंद्र और नया गांव निवासी अजय यादव को बड़ा नुकसान हुआ। आरोप है कि संजय ने पाल कॉलोनी की एक जमीन के विवाद में अजय के दोस्त यादवेंद्र को जेल भिजवा दिया था। साथ ही अजय के खिलाफ दुष्कर्म का मामला दर्ज कराने की कोशिश भी कर रहा था। इसके अलावा उसने शिवानी होटल के पीछे करीब 1500 वर्गफुट नजूल भूमि और गुरसराय में 5000 वर्गफुट जमीन पर भी कब्जा कर लिया था।
पुलिस के अनुसार, हत्या की साजिश बनने के बाद देशी पिस्टल का इंतजाम जितेंद्र यादव उर्फ जीतू ने किया था। उसने यह पिस्टल कुछ साल पहले 20 हजार रुपये में खरीदी थी। वारदात वाले दिन धर्मेंद्र ने संजय को मिलने के लिए बुलाया। वह अपनी थार से मेड किचन रेस्तरां के पास पहुंचा और वहां से हुसैन व जितेंद्र को संजय की सटीक लोकेशन भेजी। कुछ देर बाद हुसैन पिस्टल लेकर रेस्तरां के अंदर पहुंचा और रात करीब 9:30 बजे संजय पर गोली चला दी। वारदात के बाद हुसैन और जितेंद्र मौके से फरार हो गए।
मामले में फरार आरोपी जितेंद्र यादव, हुसैन और अजीम की तलाश में पुलिस लगातार दबिश दे रही है। पुलिस टीमों ने कई स्थानों पर छापेमारी की है और एक टीम दतिया में भी आरोपियों की तलाश कर रही है। एसएसपी बीबी जीटीएस मूर्ति ने बताया कि तीनों आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए अलग-अलग टीमें लगाई गई हैं और उन्हें जल्द गिरफ्तार कर लिया जाएगा।