झांसी न्यूज डेस्क: झांसी में पिता की हत्या के मामले में अदालत ने बेटे को दोषी ठहराते हुए सात साल के सश्रम कारावास की सजा सुनाई है। यह मामला दो साल पहले हुए एक घरेलू विवाद से जुड़ा है, जिसमें मामूली कहासुनी के बाद बेटे ने अपने पिता पर डंडे से हमला कर दिया था। इलाज के लिए अस्पताल ले जाने पर डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया था।
अभियोजन के अनुसार, लहचूरा थाना क्षेत्र के इटाइल गांव में रहने वाले बालकिशन कुशवाहा से उनके छोटे बेटे हरदयाल उर्फ मल्थू ने अपनी पत्नी और बच्चों को मायके से वापस लाने की बात कही थी। पिता ने यह कहते हुए मना कर दिया कि वह नशे की हालत में परिवार के साथ ठीक व्यवहार नहीं करता, इसलिए बच्चों को लाने नहीं जाएंगे।
पिता की बात से नाराज हरदयाल ने गाली-गलौज शुरू कर दी। विरोध करने पर उसने पास में रखा बांस का डंडा उठाकर पिता पर हमला कर दिया। गंभीर रूप से घायल बालकिशन को मऊरानीपुर अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
घटना के बाद बड़े बेटे जानकी प्रसाद कुशवाहा की शिकायत पर पुलिस ने हरदयाल के खिलाफ मामला दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया। जांच पूरी होने के बाद आरोप पत्र अदालत में दाखिल किया गया।
मंगलवार को मामले की सुनवाई के दौरान अदालत ने गवाहों के बयान और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर हरदयाल को दोषी करार दिया। विशेष न्यायाधीश (एडीजे) शिवकुमार तिवारी की अदालत ने उसे सात वर्ष के सश्रम कारावास और 5,000 रुपये के जुर्माने की सजा सुनाई।