झांसी न्यूज डेस्क: उत्तर प्रदेश के झांसी में पुलिस ने एक बड़े अंतरराष्ट्रीय सट्टा गिरोह का भंडाफोड़ किया है, जिसमें पुलिस विभाग के ही एक सिपाही की सीधी संलिप्तता सामने आई है। 'ऑपरेशन 72' के तहत की गई इस कार्रवाई में पुलिस ने दो युवतियों को गिरफ्तार किया है और करोड़ों रुपये की संपत्ति बरामद की है। इस खुलासे के बाद आरोपी सिपाही रजत को तत्काल प्रभाव से बर्खास्त कर दिया गया है।
छापेमारी और बरामदगी:
झांसी एसएसपी बीवीजीटीएस मूर्ति के निर्देशन में स्वाट टीम और सीपरी बाजार पुलिस ने रॉयल सिटी स्थित एक फ्लैट पर छापा मारा। मौके से पुलिस ने निम्नलिखित सामग्री बरामद की है:
सोना: 1 करोड़ 46 लाख रुपये कीमत के सोने के बिस्किट।
चांदी: लगभग 11 लाख रुपये के चांदी के जेवर।
नकद: 18 लाख 92 हजार रुपये कैश।
उपकरण: 1 लैपटॉप, 12 मोबाइल फोन और सट्टा कारोबार से जुड़े कई रजिस्टर।
गिरफ्तारी और सिपाही का कनेक्शन:
पुलिस ने मौके से यशस्वी द्विवेदी और निशा खान नाम की दो लड़कियों को गिरफ्तार किया है। जांच में सामने आया कि यशस्वी द्विवेदी बर्खास्त सिपाही रजत की गर्लफ्रेंड है। सिपाही रजत खुद इस गिरोह का हिस्सा था और पुलिस की गतिविधियों की जानकारी लीक करता था। रजत फिलहाल फरार है। गिरोह का एक अन्य सदस्य आशीष उपाध्याय पहले ही जेल जा चुका है, जबकि सुमित साहू, विशेष भार्गव और प्रभात अग्रवाल अभी भी पुलिस की पकड़ से बाहर हैं।
सिपाही रजत का विवादित इतिहास:
सिपाही रजत पहले भी कई विवादों में रहा है। हाल ही में बुंदेलखंड विश्वविद्यालय के पास एक 'थार' कार की टक्कर से रिटायर्ड असिस्टेंट रजिस्ट्रार की मौत के मामले में भी रजत का नाम उछला था। सट्टा कारोबार में उसकी भूमिका सामने आने के बाद अब झांसी पुलिस की स्वाट टीम में पूर्व में तैनात रहे अन्य पुलिसकर्मियों की भूमिका की भी गहन जांच की जा रही है।
पुलिस की कार्रवाई:
एसएसपी ने बताया कि सट्टेबाजी के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति के तहत यह बड़ी सफलता मिली है। बर्खास्त सिपाही रजत को संरक्षण देने वाले विभाग के अन्य कर्मचारियों की भी पहचान की जा रही है। फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस की टीमें लगातार दबिश दे रही हैं।