झांसी न्यूज डेस्क: प्रभारी सीडीओ अमरेंद्र प्रताप सिंह ने शुक्रवार सुबह विकास भवन के विभिन्न कार्यालयों का निरीक्षण किया। इस दौरान 22 कर्मचारियों की समय से कार्यालय न पहुंचने और कई के लगातार अनुपस्थित रहने की बात सामने आई। उन्होंने इन सभी कर्मचारियों से स्पष्टीकरण तलब करते हुए एक दिन का वेतन या मानदेय काटने का निर्देश दिया।
निरीक्षण के दौरान डीपीआरओ कार्यालय के जिला समन्वयक विनय प्रताप और प्रीति काला, लेखाकार मोहम्मद नसीम, सीवीओ कार्यालय के वरिष्ठ सहायक अतुल गुप्ता और रेनू तथा जिला प्रोबेशन कार्यालय की मंजू रानी को 10 दिसंबर से अनुपस्थित पाया गया। इसके अलावा, आंकड़ा विश्लेषक अपूर्वा, सामान्य सहायक रवि दिवाकर, धर्मेंद्र और विपिन कुमार भी अनुपस्थित थे।
जिला पिछड़ा वर्ग कार्यालय में वरिष्ठ सहायक शंकर सिंह 12 दिसंबर से कार्यालय नहीं आए थे। इसी तरह, जिला समाज कल्याण कार्यालय में पर्यवेक्षक दुष्यंत कुमार और जयविंद्र सिंह, कंप्यूटर ऑपरेटर अरशद अली भी अपनी ड्यूटी से नदारद पाए गए।
जिला समाज कल्याण अधिकारी कार्यालय में टेली ऑपरेटर नवनीत कुमार, वसूली सहायक शांतनु मिश्रा और अनंत चौहान भी गैरहाजिर थे। जिला बचत कार्यालय के कनिष्ठ सहायक शिवम कुमार शर्मा नवंबर से लगातार अनुपस्थित थे।
लघु सिंचाई कार्यालय के कनिष्ठ सहायक सुधीर कुमार, वाहन चालक मोहम्मद आरिफ और ग्रामीण अभियंत्रण कार्यालय के जेईटी सुशील कुमार तथा रोड क्लीनर चांदवीर भी कार्यालय में मौजूद नहीं थे। इन सभी की अनुपस्थिति पर प्रभारी सीडीओ ने सख्त रुख अपनाया और कार्रवाई के निर्देश दिए।
प्रभारी सीडीओ ने संबंधित विभागीय अधिकारियों को निर्देशित किया कि सभी अनुपस्थित कर्मचारियों से उनके गैरहाजिर रहने का कारण पूछा जाए। साथ ही, सभी की एक दिन की वेतन कटौती सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कर्मचारियों को समय पर कार्यालय पहुंचने की सख्त हिदायत भी दी।