झांसी न्यूज डेस्क: गुरुवार तड़के एनआईए और एटीएस ने विदेशी फंडिंग मामले में झांसी के एक मदरसा शिक्षक मुफ्ती खालिद नदवी के घर छापा मारा। मुफ्ती खालिद, जो इस्लामिक कोचिंग सेंटर चलाते हैं, से करीब 8 घंटे तक उनके घर में पूछताछ की गई। बाद में उन्हें हिरासत में लिया गया, लेकिन मस्जिद से हुई घोषणा के बाद भारी भीड़ उनके समर्थन में जुट गई और रास्ता रोककर टीम के साथ धक्का-मुक्की करने लगी।
स्थिति बिगड़ने पर भीड़ ने मुफ्ती को मस्जिद में ले जाकर घेर लिया, जिससे एनआईए और पुलिस टीम को पीछे हटना पड़ा। इसके बाद मुस्लिम समुदाय के नेताओं के हस्तक्षेप से स्थिति नियंत्रित हुई और मुफ्ती खालिद को पुलिस के हवाले किया गया। साइबर थाने में करीब 18 घंटे पूछताछ के बाद रात 9:30 बजे उन्हें सशर्त रिहा कर दिया गया। पुलिस ने सरकारी काम में बाधा डालने और भीड़ के हिंसक रवैये के लिए 10 नामजद और 100 अज्ञात लोगों पर केस दर्ज किया है।
मुफ्ती खालिद पर आरोप है कि उनके इस्लामिक कोचिंग सेंटर की फीस विदेशी खातों से प्राप्त होती है, जिसे जांच एजेंसियां संदिग्ध मान रही हैं। वे ऑनलाइन और ऑफलाइन छात्रों को धार्मिक शिक्षा देते हैं, जिनमें से कुछ छात्र विदेशों में भी हैं। पुलिस का कहना है कि उनके खिलाफ मिले सबूतों की अभी जांच जारी है। वीडियो और तस्वीरों के आधार पर आरोपियों की पहचान की जा रही है।
इसके अलावा, जांच टीम ने आधी रात को मुकरयाना क्षेत्र की एक मस्जिद के पास मुफ्ती साबिर के घर भी छापा मारा। हालांकि, इस मामले में जांच एजेंसियों ने कोई जानकारी साझा नहीं की है। एसपी सिटी ज्ञानेंद्र कुमार सिंह ने बताया कि संदिग्ध गतिविधियों के चलते मुफ्ती खालिद से पूछताछ की गई है और आगे की जांच जारी है।