झांसी न्यूज डेस्क: झांसी के महारानी लक्ष्मीबाई मेडिकल कॉलेज में इलाज में लापरवाही के चलते एक घायल युवक की पांच घंटे तड़पने के बाद मौत हो गई। इस घटना पर कड़ा एक्शन लेते हुए कॉलेज प्रिंसिपल ने इमरजेंसी मेडिकल ऑफिसर (EMO) डॉ. राजकुमार राणा को तत्काल प्रभाव से सस्पेंड कर दिया है। साथ ही, पूरे मामले की जांच के लिए सीएमएस के नेतृत्व में चार सदस्यीय कमेटी गठित की गई है, जो 48 घंटे के भीतर अपनी रिपोर्ट सौंपेगी। इस मामले में अन्य स्टाफ पर भी कार्रवाई होने की संभावना जताई जा रही है।
गुरुवार को एक सड़क हादसे में घायल 18 वर्षीय विनय अहिरवार को मेडिकल कॉलेज लाया गया था, लेकिन परिजनों का आरोप है कि उसे पांच घंटे तक भर्ती नहीं किया गया। इलाज की मांग करने पर डॉक्टरों ने एक-दूसरे पर जिम्मेदारी डालते हुए मामले को टाल दिया। विनय दर्द से कराहता रहा, मगर किसी ने उसकी सुध नहीं ली। अंततः शाम 5:27 बजे उसे एडमिट किया गया, लेकिन तब तक उसकी मौत हो चुकी थी। इस लापरवाही से नाराज परिजनों और स्थानीय लोगों ने मेडिकल कॉलेज में जमकर हंगामा किया, जिसके बाद पुलिस को हस्तक्षेप करना पड़ा।
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासन हरकत में आ गए। मामले की गंभीरता को देखते हुए मेडिकल कॉलेज प्रशासन ने एक उच्चस्तरीय जांच कमेटी गठित कर दी है। कॉलेज प्रिंसिपल डॉ. मयंक सिंह ने बताया कि डॉक्टरों की लापरवाही को लेकर पूरी जांच की जाएगी और दोषियों पर सख्त कार्रवाई होगी। पुलिस को भी परिजनों की ओर से लिखित शिकायत दी गई है, जिसके आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।