झांसी न्यूज डेस्क: उत्तर प्रदेश की धरती को हमेशा से गंगा-जमुनी तहजीब और सांप्रदायिक सौहार्द की मिसाल माना जाता रहा है। यहां त्योहारों, मेलों और सामाजिक परंपराओं में हिंदू-मुस्लिम एकता की झलक साफ दिखाई देती है। इसी परंपरा को आगे बढ़ाने वाली एक अनोखी तस्वीर झांसी के टकटोली गांव से सामने आई है, जहां एक मुस्लिम व्यक्ति ने राधा-कृष्ण मंदिर बनवाने का संकल्प लिया है।
बुंदेलखंड क्षेत्र में आयोजित होने वाला प्रसिद्ध वीरा फाग महोत्सव भी सदियों से आपसी भाईचारे की पहचान रहा है। होली जैसे पर्वों पर यहां दोनों समुदायों की साझी भागीदारी देखने को मिलती है। इसी सौहार्द की मिसाल पेश करते हुए टकटोली गांव निवासी अहमद खान ने राधा-कृष्ण भक्ति के प्रति अपनी आस्था जताई है। स्थानीय लोग उन्हें प्यार से ‘रसखान’ कहकर बुलाते हैं।
अहमद खान ने अपनी निजी जमीन पर राधा-कृष्ण मंदिर बनवाने का प्रण लिया है। इस संकल्प को लेकर वे बागेश्वर धाम सरकार जाने के लिए रवाना हुए हैं, जहां वे प्रमुख संत धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री से मुलाकात करना चाहते हैं। सोशल मीडिया पर उनकी तस्वीरें तेजी से वायरल हो रही हैं, जिनमें वे सिर पर टोपी, गेरुआ वस्त्र धारण किए, गले में माला और सिर पर रामायण रखे दिखाई दे रहे हैं।
गांव में उनके इस फैसले का जोरदार स्वागत किया गया। लोगों ने फूल-मालाएं पहनाकर सम्मानित किया और ढोल-नगाड़ों के साथ उन्हें यात्रा के लिए विदा किया। अहमद खान का कहना है कि मंदिर निर्माण के साथ-साथ वे वहीं बैठकर रामायण पाठ भी करना चाहते हैं। अब लोगों की नजरें उनकी बागेश्वर धाम में होने वाली संभावित मुलाकात पर टिकी हैं।