झांसी न्यूज डेस्क: झांसी के प्रेमनगर थाना क्षेत्र के राजगढ़ निवासी 18 वर्षीय विनय अहिरवार एक ठेकेदार के साथ बिजली का काम करता था। गुरुवार को वह ठेकेदार के भाई शहबाज उर्फ बिट्टो के साथ बाइक से शिवपुरी काम पर जा रहा था। रास्ते में रक्सा टोल प्लाजा के पास एक ट्रक ने उनकी बाइक को टक्कर मार दी, जिससे विनय गंभीर रूप से घायल हो गया, जबकि शहबाज को मामूली चोटें आईं। घायल विनय को तुरंत मेडिकल कॉलेज ले जाया गया, जहां सूचना मिलने पर उसके परिवार के लोग भी पहुंच गए। हालांकि, देर रात इलाज के दौरान विनय की मौत हो गई, जिसके बाद गुस्साए परिजनों ने अस्पताल में हंगामा कर दिया।
विनय की बहन सोनम ने आरोप लगाया कि उसका भाई करीब पांच घंटे तक तड़पता रहा, लेकिन डॉक्टरों ने सही समय पर इलाज नहीं किया। उन्होंने दावा किया कि सर्जरी और ऑर्थोपेडिक विभाग के डॉक्टरों ने उन्हें इधर-उधर दौड़ाते रहे और जब विनय की मौत हो गई, तब उसे भर्ती दिखाने की औपचारिकता पूरी की गई। परिजनों ने मेडिकल कॉलेज की इमरजेंसी में घुसने की भी कोशिश की, लेकिन वहां मौजूद पुलिस और सुरक्षा कर्मियों ने उन्हें रोक दिया। हंगामा करीब तीन घंटे तक चला, जिसके बाद पुलिस ने परिजनों को शांत कराया और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
इस मामले में मेडिकल कॉलेज के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. सचिन माहुर ने परिजनों के आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि विनय को अंदरूनी चोटें आई थीं और उसका उचित इलाज किया गया था। डॉक्टरों ने समय पर सभी जरूरी जांचें करवाईं, लेकिन परिजनों का गुस्सा और आरोप निराधार हैं।