झांसी न्यूज डेस्क: झांसी के कुटोरा गांव में एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जिसने पूरे गांव को हिला दिया है। आरोपी काशीराम ने पुलिस के सामने स्वीकार किया कि वह फसल काटने को लेकर दंपती से नाराज था। काशीराम का परिवार बहुत समय से गांव से दूर था; उसकी पत्नी की मृत्यु 12 साल पहले हो चुकी थी और उसके दोनों बेटे लाखन और अंटू बाहर रहते थे। इसके चलते काशीराम अकेले ही रहता था और अपने पड़ोसियों से भी कम ही संपर्क करता था।
पड़ोसियों के अनुसार, काशीराम अपने बेटे लाखन और अंटू से बहुत अधिक उम्मीद नहीं रखता था, क्योंकि वे दोनों बाहर जाकर परिवार बसा चुके थे। काशीराम अक्सर अपने पड़ोसियों से शिकायत करता था, खासकर पुष्पेंद्र से, जिस पर वह फसल चोरी करने का आरोप लगाता था। कुछ समय पहले काशीराम ने मूंगफली की फसल उखाड़ने को लेकर बवाल मचाया था।
एक महीने पहले, काशीराम और पुष्पेंद्र के बीच झगड़ा हुआ था, जिसके बाद काशीराम ने अपनी घर में रखी तलवार को बाहर निकाला था। कुछ दिन पहले वह खेतों में तलवार लेकर भी गया था, लेकिन उस समय किसी ने यह नहीं समझा कि उसके इरादे खतरनाक हो सकते हैं। पुलिस का मानना है कि फसल काटने का विवाद हत्या का एक कारण हो सकता है, लेकिन वे मामले के अन्य पहलुओं की भी जांच कर रहे हैं।
गांव के लोगों के मुताबिक, काशीराम ने अपने बच्चों के सामने ही अपने माता-पिता की हत्या कर दी। जब उसने तलवार से हमला किया, तो दोनों बच्चे डर से चीख पड़े। उनकी चीख सुनकर आसपास के लोग घटनास्थल पर पहुंचे। इस घटना के समय काशीराम के बेटे राज और बेटी अंशिका भी वहां मौजूद थे। अंशिका की चीख सुनकर उसकी मां संगीता बाहर आईं, लेकिन काशीराम ने उस पर भी हमला कर दिया।
पुलिस अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर जांच शुरू कर दी और फोरेंसिक टीम को भी बुलाया गया। एसएसपी सुधा सिंह और एसपी (आरए) गोपीनाथ सोनी ने मौके पर जाकर मामले की गंभीरता का आकलन किया। फिलहाल हत्या के कारणों की पूरी जांच की जा रही है।