झांसी न्यूज डेस्क: झांसी से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। यहां जेल में बंद हिस्ट्रीशीटर वीरेंद्र राजपूत ने बाहर बैठे व्यापारी को मोबाइल से धमकी दी थी। जेल के अंदर से मोबाइल कहां से आया, यह सवाल पुलिस के लिए सिरदर्द बन गया था। जांच में खुलासा हुआ कि यह मोबाइल एक पुलिस सिपाही और एलएलबी की छात्रा की मदद से कैदी तक पहुंचा था।
पूरा मामला चिरगांव थाना क्षेत्र से जुड़ा है। व्यापारी अनिल कुमार जैन ने आरोप लगाया कि 30 जुलाई और फिर 8 अगस्त को आरोपी वीरेंद्र ने जेल से ही कॉल कर उसे और उसके परिवार को जान से मारने की धमकी दी। लगातार धमकियों से घबराए व्यापारी ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने मामले की जांच शुरू की तो बड़ी लापरवाही सामने आई।
जांच में सामने आया कि हवालात ड्यूटी पर तैनात सिपाही बंटी ठाकुर कैदियों को फोन कराने के लिए छात्रा सना परवीन का मोबाइल इस्तेमाल करता था। बदले में उससे 200 से 500 रुपए लिए जाते थे। इसी सिलसिले में आरोपी वीरेंद्र को भी मोबाइल उपलब्ध कराया गया था और पांच सौ रुपए लिए गए थे।
पुलिस ने खुलासा किया कि सिपाही और छात्रा दोनों को बस स्टैंड के पास से गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है। वहीं विभाग ने आरोपी सिपाही के खिलाफ विभागीय जांच भी बैठा दी है। इस घटना से जेल प्रशासन और पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया है, क्योंकि यह मामला सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़ा करता है।