झांसी न्यूज डेस्क: पंजाब नेशनल बैंक (पीएनबी) की सदर बाजार शाखा में बीमा के नाम पर फर्जीवाड़े का दूसरा बड़ा मामला सामने आया है। मसीहागंज निवासी सेवानिवृत्त महिला कर्मचारी कल्पना तिवारी ने 14 लाख रुपये की ठगी का आरोप लगाते हुए शाखा प्रबंधक विशाल लेखवानी समेत चार लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई है। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
पीड़िता के मुताबिक, वर्ष 2023 में सेवानिवृत्ति के बाद उनकी पीएफ की रकम बैंक में जमा थी। आरोप है कि तत्कालीन शाखा प्रबंधक ने उन्हें पीएनबी मेटलाइफ में निवेश का लालच दिया और पूर्वी दिल्ली निवासी विकास से मिलवाया। अच्छे रिटर्न का भरोसा दिलाकर अलग-अलग चेक के जरिए 14 लाख रुपये जमा करा लिए गए। 9 अक्तूबर 2025 को भुगतान लेने पहुंचने पर उन्हें पता चला कि पॉलिसी फर्जी है। जांच में सामने आया कि एजेंट और बैंक मैनेजर की कथित सांठगांठ से रकम परिचितों के खातों में ट्रांसफर कर हड़प ली गई।
इससे पहले अक्तूबर में ही रेलवे के सेवानिवृत्त कर्मचारी दयाराम कुशवाहा से 48 लाख रुपये की धोखाधड़ी का मामला भी सामने आया था। आरोप है कि उसी एजेंट विकास ने फर्जी बीमा योजनाओं के नाम पर कई अन्य लोगों तालपुरा निवासी सलीम बेग, हंसारी निवासी मुरली शांता कुमार और इमामबाड़ा निवासी नाहिद खान से भी लाखों रुपये ठगे। पीड़ितों का कहना है कि शिकायतों के बावजूद बैंक स्तर पर ठोस कार्रवाई नहीं हुई।
पुलिस जांच में खुलासा हुआ कि विकास शेयर बाजार में नुकसान के बाद बीमा के नाम पर ठगी करने लगा। वह ग्राहकों को फर्जी स्कीम और ज्यादा मुनाफे का लालच देता, जीएसटी बचत का बहाना बनाकर अपने नाम से चेक बनवाता और रकम निजी खाते में जमा कर निकाल लेता। ग्राहकों को फर्जी बीमा दस्तावेज थमा दिए जाते थे। सीओ सिटी लक्ष्मीकांत गौतम के अनुसार, मामले की गहन जांच की जा रही है और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी।